इन्सान की सोच Hindi Me तीन राहगीर रास्ते पर एक पेड़ के नीचे मिले। तीनो लम्बी यात्रा पर निकले थे। कुछ देर सुस्ताने के लिए पेड़ की घनी छाया में बैठ गए। तीनो के पास दो झोले थे एक झोला (Satchel) आगे की तरफ और दूसरा पीछे की तरफ लटका हुआ था। तीनो एक साथ बैठे और यहाँ-वहाँ Here and there की बाते करने लगे जैसे कौन कहाँ से आया? कहाँ जाना हैं? कितनी दुरी हैं ? घर में कौन कौन हैं ?ऐसे कई सवाल जो अजनबी एक दुसरे के बारे में जानना चाहते हैं। तीनो यात्री कद काठी में सामान थे पर सबके चेहरे के भाव अलग-अलग थे। एक बहुत थका निराश लग रहा था जैसे सफ़र ने उसे बोझिल बना दिया हो। दूसरा थका हुआ था पर बोझिल नहीं लग रहा था और तीसरा अत्यन्त आनंद में था। एक दूर बैठा महात्मा इन्हें देख मुस्कुरा रहा था। तभी तीनो की नजर महात्मा पर पड़ी और उनके पास जाकर तीनो ने सवाल किया कि वे मुस्कुरा क्यूँ रहे हैं। इस सवाल के जवाब में महात्मा ने तीनो से सवाल किया कि तुम्हारे पास दो दो झोले हैं इन में से एक में तुम्हे लोगो की अच्छा...